Bihar Chunav: बिहार की सभी 243 सीटों पर खड़े उम्मीदवार की हैसियत और क्राइम हिस्ट्री का विश्लेषण किया जा चुका है। बिहार इलेक्शन वॉच ने विश्लेषण की रिपोर्ट सार्वजनिक की है। जिसमें बताया गया है कि 243 सीटों में 164 सीटों के प्रत्याशियों की सूची रेड अलर्ट में रखी गई है। बिहार इलेक्शन वॉच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) का इलेक्शन एनालिसिस है। एडीआर ने मानक तय किया है कि जिस सीट पर तीन या उससे अधिक प्रत्याशियों पर मुकदमे दर्ज होंगे उसे रेड अलर्ट में शामिल किया जाए। इस सूची में कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार का कोई जिला अछूता नहीं रहा है। लेकिन कुछ विधानसभा सीटें इस लिस्ट में शामिल होने से जरूर बच गईं।
भागलपुर की बिहपुर छोड़कर छह सीटों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है। भागलपुर जिले के पीरपैंती में 10 में 3 पर, सुल्तानगंज में 12 में 3 पर, गोपालपुर में 9 में 4 पर, भागलपुर में 12 में 4 पर, कहलगांव में 13 में 5 और नाथनगर में 15 में 6 पर केस है। कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार की 72 सीटों में 39 पर दागी उम्मीदवार खड़े हैं। जिस सीट पर तीन से अधिक प्रत्याशियों पर केस दर्ज हैं, उनमें लगभग जिला मुख्यालय की सीटें जरूर शामिल हैं। एडीआर की जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि इस क्षेत्र के 13 जिले भागलपुर, मुंगेर, जमुई, बांका, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया में कई उम्मीदवारों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
कौन सीट है रेड अलर्ट लिस्ट में
भागलपुर में पीरपैंती, सुल्तानगंज, गोपालपुर, भागलपुर, कहलगांव और नाथनगर, पूर्णिया में कसबा, बायसी और अमौर, सुपौल में छातापुर, सुपौल, त्रिवेणीगंज और पीपरा, बांका में बेलहर, बांका और धोरैया, कटिहार में बलरामपुर, कटिहार, कदवा, कोढ़ा, मनिहारी और बरारी, किशनगंज में बहादुरगंज, अररिया में जोकीहाट, नरपतगंज, फारबिसगंज और अररिया, जमुई में जमुई, खगड़िया में खगड़िया, अलौली, बेलदौर, परबत्ता, मधेपुरा में मधेपुरा, लखीसराय में सूर्यगढ़ा, मुंगेर में मुंगेर, तारापुर, सहरसा में सोनबरसा, सहरसा, महिषी।
2600 उम्मीदवारों के शपथपत्र का एनालिसिस किया गया
सूबे में 2616 प्रत्याशियों में 2600 के शपथपत्र का एनालिसिस किया गया है। शेष 16 का स्कैन साफ नहीं होने से उनका विश्लेषण नहीं किया गया। इसमें गोपालपुर सीट से भी एक निर्दलीय प्रत्याशी है। इसमें पाया गया कि 838 पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें 32 फीसदी उम्मीदवारों ने स्वीकार किया है कि उन पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। बताया गया कि 838 में 695 प्रत्याशी यानी 27 फीसदी ने स्वीकार किया कि उनके ऊपर लगे आरोप संगीन हैं। यानी उन पर सीरियस क्रिमिनल केस दर्ज हैं।
