एडीआर ने एक रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में किस सीएम की संपत्ति कितनी ज्यादा है और कौन सा सीएम सबसे ज्यादा गरीब है. चलिए इसके बारे में विस्तार से समझें.
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सीएम की संपत्ति का ब्योरा जारी किया है. जनप्रतिनिधियों के द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए आधिकारिक हलफनामों के गहन अध्ययन से नेताओं की वित्तीय स्थिति का पूरा खाका सामने आया है. इस रिपोर्ट की मानें तो देश के सीएम की संपत्ति में काफी भारी अंतर देखने को मिला है, जहां पर कुछ नेता अरबों रुपये के मालिक हैं, तो वहीं कुछ अन्य नेताओं के पास बेहद मामूली संपत्ति है. चलिए इस रिपोर्ट के आधार पर समझें कि कौन से मुख्यमंत्री सबसे अमीर हैं, और कौन सबसे गरीब हैं.
डी.के. शिवकुमार सबसे धनी मुख्यमंत्री
कर्नाटक के नव-नियुक्त मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने वित्तीय संपन्नता के मामले में देश के सभी मुख्यमंत्रियों को पीछे छोड़ दिया है. उनके द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार, उनके परिवार की कुल घोषित संपत्ति करीब 1413 करोड़ रुपये है. उनकी कुल संपत्ति का 80 प्रतिशत हिस्सा जमीन और रियल एस्टेट कारोबार में लगा है. इसमें बेंगलुरु, मैसूरु, कनकपुरा और दिल्ली की प्रीमियम संपत्तियों के साथ-साथ प्रसिद्ध ग्लोबल मॉल भी शामिल हैं. वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो उनके पास 273 करोड़ की चल संपत्ति है, जबकि अचल संपत्ति का मूल्य 1140 करोड़ रुपये है और उन पर 265 करोड़ रुपये की देनदारी भी है.
अमीरी में दूसरे नंबर पर कौन?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू 931 करोड़ रुपये की कुल पारिवारिक संपत्ति के साथ देश के दूसरे सबसे अमीर सीएम बनकर उभरे हैं. चंद्रबाबू नायडू की अधिकांश कमाई और संपत्ति का मुख्य स्रोत चल परिसंपत्तियां और उनकी पारिवारिक कंपनी हेरिटेज फूड्स लिमिटेड में मौजूद शेयर हिस्सेदारी है. एडीआर की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि दक्षिण भारत के राज्यों के शीर्ष नेताओं का वित्तीय कद काफी मजबूत है. भारत के सबसे अमीर टॉप 3 तीन मुख्यमंत्रियों में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों के नेताओं का पूरी तरह से दबदबा है.
पूर्वोत्तर से लेकर उत्तर भारत के सीएम की संपत्तियां
देश के अन्य क्षेत्रों पर नजर डालें तो पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू 332 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ सबसे अमीर नेताओं में टॉप पर बने हुए हैं. इसके बाद तेलंगाना के सीएम ए. रेवंत रेड्डी का नाम आता है, जिनके पास कुल 30 करोड़ रुपये की संपत्ति है. वहीं उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सक्खू 7.81 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ अपने क्षेत्र में आगे हैं. उनके ठीक बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्थान है, जिनकी घोषित संपत्ति 5.80 करोड़ रुपये बताई गई है.
देश के सबसे गरीब सीएम कौन?
एडीआर की वित्तीय रिपोर्ट के सबसे निचले पायदान की बात करें तो सीएम उमर अब्दुल्ला वर्तमान में भारत के सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्री हैं. चुनाव आयोग को सौंपे गए दस्तावेजों की मानें तो उनके पास कुल 55 लाख रुपये से ज्यादा की संपत्ति दर्ज है. उनके निजी पोर्टफोलियो में सिर्फ व्यक्तिगत बचत खाते और कुछ बुनियादी चल संपत्तियां शामिल हैं. उनके नाम पर कोई भी आवासीय भूमि या कॉमर्शियल रियल एस्टेट रजिस्टर्ड नहीं है. साल 2026 के राज्य विधानसभा चुनावों से पहले यह रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के नाम पर दर्ज था, जिनकी संपत्ति मात्र 15 लाख रुपये थी और वे भी करोड़पति सीएम की लिस्ट में शामिल नहीं थीं.
कैसे काम करती है एडीआर?
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) भारत में पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और सुधारों के लिए काम करने वाली एक गैर-सरकारी संस्था है. इसका प्रमुख उद्देश्य चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और जनप्रतिनिधियों के हलफनामों का विश्लेषण करके जनता के सामने सटीक जानकारी लाना है. यह संस्था नेताओं के आपराधिक बैकग्राउंड, उनकी चल-अचल संपत्ति, देनदारियों और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े सार्वजनिक करती है. एडीआर द्वारा यह व्यापक डेटा बेस उपलब्ध कराने का मुख्य मकसद मतदाताओं को जागरूक बनाना है, ताकि आम नागरिक चुनावों में सही तथ्यों को ध्यान में रखकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.
